प्रयागराज न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल्द ही आउटर रिंग रोड पर फ्लैश बसें चलाई जाएंगी, जिनमें हवाई जहाज जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, प्रयागराज में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए यमुना नदी पर शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया पुल बनाया जाएगा। लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम भी अगले चार महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। यह घोषणाएं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ में फ्लाईओवर उद्घाटन समारोह के दौरान कीं। उन्होंने कहा कि यूपी में पांच लाख करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है और सरकार आधुनिक परिवहन सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है।
नितिन गडकरी ने बताया कि यूपी में बुनियादी ढांचे के विकास पर काफी जोर दिया गया है, जिससे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक लागत को कम करके देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। फिलहाल, भारत में लॉजिस्टिक लागत 16% है, जिसे अगले दो सालों में 9% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे निर्यात में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही यूपी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अमेरिका से भी बेहतर होगा और महाकुंभ के आयोजन ने राज्य की जीडीपी में तीन लाख करोड़ रुपये जोड़े हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर लखनऊ के तेज विकास पर चर्चा की और कहा कि यह अब दुनिया के प्रमुख शहरों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि महाकुंभ के आयोजन में केवल 1500 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि बाकी धनराशि प्रयागराज के बुनियादी ढांचे के विकास पर लगी। उन्होंने कहा कि अब तक 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं। गडकरी ने लखनऊ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी (AI City) के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की और बताया कि प्रदेश में सड़क और कनेक्टिविटी को लगातार बेहतर किया जा रहा है।